ओर हतप्रभ रह गई सुमंगला ….?

जयपुर, 3 फरवरी। सीतापुरा में चल रहे स्टोन मार्ट में राजस्थान सरकार के माइनिंग डिपार्टमेंट के स्टॉल पर सोने की खान का सेंपल देखते ही रामनगर जयपुर निवासी सुमंगला शर्मा हतप्रभ रह गई।

काफी देर तक तो उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ कि राजस्थान की धरा में भी सोने की खान हो सकती है।

माइंस विभाग के अधिकारियों ने भूकिया के सोने के संभावित डिपोजिट खान के सेंपल में लेंस के माध्यम से सोने के चमकते कण दिखाये तब जाकर विश्वास हुआ।

यह हालत रामनगर निवासी सुमंगला की ही नहीं थी अपितु स्टोन मार्ट में आने वाले दर्षकों का भी प्रमुख आकर्षण का केन्द्र भूकिया का यह सेंपल रहा है।

माइनिंग से जुड़ें लोगों के साथ ही एक्जीविसन में आने वाले दर्शकों के लिए राजस्थान माइनिंग विभाग का पेवेलियन इस लिए भी आकर्षण का केन्द्र बन रहा है कि यहां पर राजस्थान की धरा द्वारा उगले जाने वाले सभी तरह के माइंस और इससे जु़ड़ी संदर्भ सामग्री सेंपल और डिसप्ले पैनल्स के माध्यम से प्रभावी तरीके से प्रस्तुत की गई है।

डीएमजी डॉ. प्रज्ञा केवलरमानी ने बताया कि विभाग के अतिरिक्त निदेशक  एसएन डोडिया के नेतृत्व में वरिष्ठ भूविज्ञानियों की पूरी टीम लोगों की जिज्ञासाओं को पूरा कर रही है।

खान निदेशक श्रीमती आनन्दी ने भी स्टोनमार्ट का अवलोकन करने के बाद इसकी प्रस्तुति और संदर्भ सामग्री की सराहना की है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की माइनिंग संपदा देश-दुनिया से रुबरु कराने में स्टोन मार्ट जैसे आयोजन उपयोगी सिद्ध होते हैं।

राजस्थान की खनिज संपदा के प्रति लोगों के उत्साह को साकार होते हुए जेईसीसी पर आयोजित स्टोनमार्ट में राज्य के माइंस एवं भूविज्ञान विभाग के पेवेलियन पर आसानी से देखा जा सकता है।

दर्शकों ने प्रदेश के डायमेंशनल स्टोन की बारीकी को समझने की कोशिश की है वहीं खनिज संपदा की विपुलता और विस्तृत रेंज को देखकर दांतों तले अंगूली दबाएं बिना नहीं रहे। रेगिस्तान में विपुल खनिज संपदा और उसमें भी स्टोनमार्ट में प्रदर्शित गोल्ड के सेंपल को देखकर लोगों में गजब का उत्साह देखा गया।

राजस्थान के निदेशक माइंस श्रीमती प्रज्ञा केवलरमाणी ने बताया कि स्टोन मार्ट में विभागीय पेवेलियन में प्रदेश में खनन किए जा रहे सभी 57 खनिजों के सेंपल्स प्रदर्शित किए गए हैं। इसके साथ ही डायमेंशनल स्टोन की स्लेब्स भी प्रदर्शित करते हुए उनकी उपलब्धता की जानकारी दी जा रही है।

राज्य में मेटेलिक, नोनमेटेलिक और फर्टिलाइजर केमिकल खनिज का भण्डार उपलब्ध है। एक ही प्रदेश में इतने प्रकार के खनिजों की वेरायटी देखकर अन्य प्रदेशों और विदेशों से स्टोनमार्ट में हिस्सा लेने आये प्रतिभागी अचंभित है।

राजस्थान में उपलब्ध मेटेलिक यथा लेड, जिंक, कॉपर, गोल्ड, सिल्वर, मेगनीज, टंगस्टन आदि के सेंपल प्रदर्शित किए गए हैं। नोन मेटेलिक खनिजों में मारबल, क्वार्टज, फेल्सपार, डोलोमाइट, सेंड स्टोन, लाइमस्टोन, ग्रेनाइट, सिस्ट, सेलेनाइट, क्ले,डोलोमाइट, सोपस्टोन, एपेटाइट आदि आदि के सेंपल्स प्रदर्शित किए गए है तो फर्टिलाइजर केमिकल मिनरल्स में पोटाश, रॉकफास्फेट, जिप्सम और सेलेनाइट आदि प्रदर्शित किए गए है।

माइंस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा एक एक मिनरल की जानकारी के साथ ही उस मिनरल की उपलब्धता स्थान, संभावित डिपोजिट्स, क्वालिटी आदि की भी जानकारी दी जा रही है यही कारण है कि डिसप्ले पेवेलियनों में माइंस विभाग के पेवेलियन में जानकारी लेने वालों की भीड़ उमड़ रही है।

अतिरिक्त निदेशक जियोलोजी  एसएन डोडिया के नेतृत्व में अधीक्षण भू वैज्ञानिक  संजय दुबे,  सुनील वर्मा,  आईए सैयद, वरिष्ठ भू वैज्ञानिक सीबी पूर्विया, अमिताभ जागावत, श्रवण लाल मीणा, मनोज साल्वी की टीम देशी-विदेशी बायरों व जिज्ञासुओं का समाधान कर रही है तो डिस्प्ले बोर्डस के द्वारा लोगों को सहज जानकारी उपलब्ध हो रही है।

यही कारण है डिसप्ले पेवेलियनों में माइंस डिपार्टमेंट के पेवेलियन पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है।

एक एक मिनरल की विस्तार से जानकारी प्राप्त की जा रही है। लोगों के लिए यह भी क्यूरेसिटी है कि रेगिस्तानी प्रदेश में मिनरल्स की इतनी वैरायटी कैसे है।

संभवतः राजस्थान देश का अनोखा प्रदेश है जहां सभी तरह के मिनरल उपलब्ध है। माना जाता है कि प्रदेश में 82 प्रकार के मिनरल्स उपलब्ध है जिनमें से 57 प्रकार के मिनरल्स का खनन हो रहा है।

फोटो केप्सनः- रामनगर जयपुर निवासी सुमंगला शर्मा को माइनिंग विभाग के पेवेलियन पर अधिकारी संजय दुबे व सुनील वर्मा भूकिया सोने की खान का सेंपल दिखाते हुए ।