भारत में वा‍स्‍तविक जीडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2023-24 में 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान

GDP -growth -rate -in -India -is -estimated -to- be 7.3- percent -in -the -financial- year 2023-24-nirmala-sitaraman-delhi

नई दिल्ली, 1 फरवरी । वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2024-25 के लिए अं‍तरिम केन्‍द्रीय बजट संसद में पेश किया ।

अगले वर्ष के लिए पूंजीगत व्‍यय को 11.1 प्रतिशत बढ़ाकर 11,11,111 करोड़ रुपये किया जा रहा है जो जीडीपी का 3.4 प्रतिशत होगा ।राजकोषीय घाटा वर्ष 2024-25 में जीडीपी का 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है ।अंतरिम बजट के अनुसार देश में एफडीआई प्रवाह वर्ष 2014-2023 के दौरान 596 अरब अमेरिकी डॉलर का हुआ जो वर्ष 2005-2014 के दौरान हुए एफडीआई प्रवाह का दोगुना है ।‘गरीबों’, ‘महिलाओं’, ‘युवाओं’, और ‘अन्‍नदाताओं’ का उत्‍थान करना सरकार की सर्वोच्‍च प्राथमिकता है

सीतारमण ने अंतरिम बजट में कहा युवाओं के लिए 50 वर्षीय ब्‍याज मुक्‍त ऋण के साथ ही एक लाख करोड़ रुपये का कोष बनाया जाएगा ।पूंजीगत व्‍यय के लिए राज्‍यों को 50 वर्षीय ब्‍याज मुक्‍त ऋण देने की योजना इस वर्ष जारी रखी जाएगी, कुल परिव्‍यय 1.3 लाख करोड़ रुपये का होगा ।सरकार विकास के प्रति ऐसी अवधारणा पर काम कर रही है जो सर्वांगीण, सर्वस्‍पर्शी और सर्वसमावेशी है ।

अंतरिम बजट के अनुसार सरकार पूर्वी क्षेत्र और वहां के लोगों को भारत के विकास में अत्‍यंत मददगार बनाने पर अत्‍यधिक ध्‍यान देगी ।सरकार आबादी में तेजी से हो रही वृद्धि और जनसंख्‍या में आए बदलाव से उत्‍पन्‍न चुनौतियों पर विस्‍तार से विचार-विमर्श करने के लिए एक उच्‍चाधिकार समिति का गठन करेगी

अंतरिम बजट में कर दरों में किसी भी बदलाव का प्रस्‍ताव नहीं किया गया है। स्‍टार्ट-अप्‍स के साथ-साथ सॉवरेन वेल्‍थ या पेंशन फंडों द्वारा किए गए निवेश पर विशेष कर लाभ की अवधि एक साल बढ़ाई गई है ।प्रत्‍यक्ष कर संबंधी विशेष छिटपुट और विवादित मांगों को वापस लेने से लगभग एक करोड़ करदाताओं के लाभान्वित होने की आशा है और सरकार ‘वर्ष 2014 तक के आर्थिक हालात और मौजूदा स्थिति’ पर श्‍वेत पत्र लाएगी ।