भारत की संस्कृति विश्व भर में अनूठी है। फ्रांसिस  

जयपुर, 23 जनवरी। राज्यपाल  कलराज मिश्र से मंगलवार को राजभवन में यूएन जनरल असेंबली के भारत स्थित प्रेसिडेंट  डेनिस फ्रांसिस के नेतृत्व में यूएन प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल में यूनाइटेड नेशंस में भारत की राजदूत और स्थाई प्रतिनिधि रुचिरा कांबोज भी सम्मिलित थी।

राज्यपाल मिश्र ने राजभवन पहुंचने पर  डेनिस फ्रांसिस का पुष्प गुच्छ भेंट कर ’पधारो म्हारे देस’ की संस्कृति में स्वागत और अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष  वासुदेव देवनानी, उप मुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी और मुख्य सचिव  सुधांश पत भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

फ्रांसिस ने  कहा कि भारत की संस्कृति विश्व भर में अनूठी है। उन्होंने कहा कि मानव मूल्यों में विश्वास और एक दूसरे के प्रति सम्मान की तथा प्यार की भावना की दृष्टि से भारत पूरे विश्व का नेतृत्व करता है। यहां की संस्कृति और आत्मीयता से भरी परंपराओं और लोगों की मैं सराहना करता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम और भारत में यही बड़ा अंतर है कि दोनों में ही निरंतर विकास हुआ है परंतु भारत ने मानवता के मूल्यों में विश्वास रखते सद्भाव की संस्कृति की जो प्रगति की है, वह अद्वितीय है।

उन्होंने भारत में लोकतंत्र की स्वस्थ परम्परा और जीवन मूल्यों की भी सराहना की तथा कहा कि भारत में चुनाव के जरिए जिस तरह से आम जन से ही प्रतिनिधि चुनकर देष का और राज्य का नेतृत्व करते हैं, वह विष्वभर में उदाहरण है।

राजस्थान के गौरवमयी इतिहास, किले महलों के स्थापत्य सौंदर्य और लोगों की सराहना करते उन्होंने कहा कि जयपुर ने मुझे बहुत प्रभावित किया है। अगली बार फिर से यहां आएंगे तो पूरे एक महीने परिवार सहित रुकूंगा।

राज्यपाल  कलराज मिश्र ने राजभवन में यूएन प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों की वैश्विक दृष्टि से उन्हें अवगत कराया।

उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को राजस्थान की पारम्परिक कला-संस्कृति से संबद्ध स्मृति चिन्ह भी भेंट किए।