राजस्थान में अब राज नहीं, रिवाज बदलेगा :प्रियंका गांधी

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दौसा, 20 अक्टूबर। कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी ने कहा कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) राजस्थान के 13 जिलों के लिए जीवनदायनी है। आमजन की लगातार मांग के बावजूद भी केन्द्र सरकार द्वारा इसे राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा नहीं दिया जा रहा है। प्रदेश के इन 13 जिलों के करोड़ों लोग ईआरसीपी के पानी का इंतजार कर रहे हैं।

श्रीमती प्रियंका गांधी ने कहा पूर्ववर्ती केन्द्र सरकारों द्वारा हीराकुण्ड, भाखडा नांगल, इंदिरा गांधी नहर जैसे परियोजनाओं द्वारा आमजन को सिंचाई एवं पेयजल उपलब्ध करवाया गया। यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री द्वारा ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिए जाने का आश्वासन खोखला था। श्रीमती गांधी शुक्रवार को दौसा के सिकराय में ईआरसीपी जन जागरण यात्रा में एक विशाल जनसभा को संबोधित कर रही थीं।

श्रीमती गांधी ने कहा कि जनहित को समर्पित सरकार जनता को केन्द्र में रखकर नीति निर्माण करती है, जबकि केन्द्र सरकार मात्र कुछ लोगांे को लाभ पहुंचा रही है। किसानों की कर्जमाफी, ओपीएस आदि के लिए बजट की कमी बताई जा रही है। केन्द्र सरकार द्वारा देश की संपत्ति आमजन के कल्याण में लगाने की बजाय चुनिंदा लोगों के लिए उपयोग की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विपक्ष धरातल पर कार्य करने की बजाय लुभावनी बातों के सहारे आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है। मतदाताओं को धर्म और जाति की राजनीति से ऊपर उठकर आमजन की समस्याओं को दूर करने वाली सरकार को चुनना चाहिए। राज्य सरकार द्वारा आमजन को महंगाई से बचाने के लिए प्रदेश में महंगाई राहत शिविर लगाए गए हैं। राज्य में किसानों का 14 हजार करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया गया है। जनता के हितों को सर्वोपरि रखने वाली सरकार ही सुशासन दे सकती है।

श्रीमती गांधी ने कहा कि देश में आज बेरोजगारी चरम पर है। अग्निवीर योजना के द्वारा युवाओं के सपनों पर आघात किया गया है। देश के लाखों युवा देश-सेवा हेतु सेना में भर्ती होने के लिए तैयारी करते हैं। यह योजना देश की सीमाआंे की रक्षा करने की इच्छा रखने वाले युवाओं के साथ छल है। इसके द्वारा देश के सैनिकों को मिलने वाले विभिन्न लाभ समाप्त कर दिये गए हैं तथा इससे युवाओं में सेना में जाने की रूचि प्रभावित हुई है।

श्रीमती गांधी ने कहा कि देश की जनता महंगाई एवं बेरोजगारी से त्रस्त है। खाद्य सामग्री की बढ़ती कीमतों से विशेष रूप से महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आय के साधनों के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी लगातार कम होते जा रहे हैं। केन्द्र सरकार की नीतियों से छोटे उद्योग लगातार बंद हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में वृहद् स्तर पर रोजगार देने वाली मनरेगा योजना के लिए केन्द्र सरकार ने बजट कम किया है। इस सब के बीच प्रदेश सरकार अपनी योजनाओं से लगातार जनता को राहत दे रही है। प्रदेश में मनरेगा की तर्ज पर शहरों में रोजगार देने के लिए इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना लागू की गई है। प्रदेश में लगभग 1 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य आ रहा है।

श्रीमती प्रियंका गांधी ने कहा इंदिरा रसोइयों के माध्यम से 8 रुपए में सस्ता एवं पौष्टिक खाना दिया जा रहा है। आमजन को मात्र 500 रुपए में गैस सिलेंडर दिया जा रहा है। अन्नपूर्णा योजना के द्वारा हर महीने फूड पैकेट दिए जा रहे हैं। इंदिरा गांधी स्मार्टफोन योजना के द्वारा महिलाओं को डेटा युक्त स्मार्टफोन दिए जा रहे हैं। प्रदेश में मिनिमम इनकम गारंटी एक्ट सहित विभिन्न जनकल्याणकारी कानून लागू किए गए हैं। गिग वर्कर्स को शोषण से बचाने के लिए प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार के सभी विभागों में कार्मिकों को ठेका प्रथा के माध्यम से लेने का प्रावधान समाप्त किया गया है। यहां गत 5 वर्षों में 309 नए कॉलेज तथा 9 नए सरकारी विश्वविद्यालय खोले गए हैं।

श्रीमती गांधी ने कहा कि प्रदेश में विपक्ष लगातार यहां की जनकल्याणकारी योजनाओं की आलोचना कर रहा है। विपक्ष की नीतियां जनकेन्द्रित ना होकर सत्ताकेन्द्रित हैं। इनके द्वारा कमजोर वर्गों की अनदेखी की जा रही है। राज्य में सरकार बदलने पर जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि जहां हम एक होकर चुनाव लड़ रहे हैं, वहीं विपक्ष में एकता का अभाव है। अब राजस्थान में हर बार सरकार बदलने का रिवाज बदलना चाहिए एवं 5 साल जनता के लिए समर्पित होकर कार्य करने वालों को दोबारा मौका मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश में नए जिलों का गठन किया गया है। जब दौसा को जयपुर से अलग कर नया जिला बनाया गया था तब यह क्षेत्र विकास में काफी पीछे था। आज यहां जिला मुख्यालय पर मिलने वाली तमाम सुविधाएं उपलब्ध हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में नए जिले बनाने से जिला मुख्यालय से दूरियां कम हुई है। इससे आमजन को सुगमता हुई है तथा विकास एवं सुशासन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि दौसा जिले के विभिन्न बांधों को जोड़कर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। क्षेत्र में पानी की समस्या को स्थाई रूप से दूर करने के लिए ईआरसीपी को लागू करना आवश्यक है। पूर्व राज्य सरकार द्वारा लाई गई इस परियोजना को हमने आगे बढ़ाया है। प्रदेश सरकार ने इसके लिए 14 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। केन्द्र सरकार द्वारा ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा ना देकर वादाखिलाफी की जा रही है। ईआरसीपी जैसी महत्वपूर्ण योजना का केन्द्र सरकार की प्राथमिकता में ना होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

गहलोत ने कहा कि गत 5 सालों में प्रदेश हर क्षेत्र में आगे बढ़ा है। मेनीफेस्टो को नीतिगत दस्तावेज बनाकर जनता से किए गए वादे हमने पूरे करके दिखाए हैं। राज्य में संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं अपने आप में बेमिसाल हैं। यहां गत 5 वर्षों में राज्य के स्वास्थ्य ढंाचे को सुदृढ किया गया है।

गहलोत ने कहा कि केन्द्र सरकार की नीतियों से आज देश की लोकतांत्रिक संस्थाएं दबाव में काम कर रही हैं। इस तरह की परिस्थिति लोकतंत्र एवं संविधान हेतु हानिकारक हैं। उन्होंने कहा कि हम गत पांच वर्षों का प्रदर्शन लेकर जनता में जा रहे हैं। राजस्थान के विधानसभा चुनावों के परिणाम दूरगामी होंगे।