खजाना महल स्थित रामसेतु कुंड के तैरते पत्थरों की पूजा अर्चना …..

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खजाना महल (जयपुर) , 29 जनवरी ।देश में ही नहीं बल्कि समूचे ब्रह्मांड में राम लला की अयोध्या में हुई प्राण प्रतिष्ठा को दिवाली के त्योहार के रूप में मनाया गया बल्कि यह कहना भी अतिशयोक्ति नहीं होगी कि शायद ही पिछले 200 वर्षों के इतिहास में कोई ऐसा भव्य समारोह इस धरती पर हुआ होगा ।

इस पावन पर्व को जैम्स एंड ज्वेलरी के museum  Khazana Mahal खजाना महल में भी पर्यटकों Tourists की उपस्थिती में पंडितों द्वारा राम सेतु के तैरते पत्थरों की worshiped पूजा अर्चना मंत्रोच्चार, प्रसादी वितरण के साथ मनाया गया  रामेश्वरम के बाद जयपुर का खजाना महल ही संभवत एक ऐसा स्थान है जहां के कुंड में सात राम नामी अद्भुत पत्थर तैरतेfloating stones हुए श्री रामजी की लंका पर विजय गाथा के साक्षी होने का साक्षात प्रमाण दे रहे हैं ।

बंगाल से आयी दो महिला प्रौढ़ पर्यटक इन अद्भुत पत्थरों को देखकर छूकर इतनी भावुक हो गई कि उनकी आंखों से अविरल अश्रुधारा बहने लगी स पर्यटकों ने 13650 कैरट की बेशकीमती रूबी पत्थर से बनी राम दरबार की मूर्ति की भी पूजा अर्चना की ।

खजाना महल के फाउंडर डायरेक्टर अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि अब से रोजाना इस राम सेतु कुंड में तैरते पत्थरों की पूजा अर्चना की जाएगीए अनूप बताते हैं कि वैसे तो यह पत्थर लगभग एक वर्ष से इस कुंड में तैर रहें हैं और पर्यटक इसको उत्सुकता के साथ देखते भी है पर जब से राम लला की अयोध्या में स्थापना की घोषणा हुई है प्रभु श्रीराम के संघर्ष और लंका विजय के प्रतीक रामसेतु के पवित्र पत्थरों को देखने का नजरिया लोगों में पवित्र पावन हो गया है ।

अब ये मात्र दर्शनीय नहीं रहे बल्कि पूजनीय हो गये  इसका उदहारण है कि कुछ लोग जूते उतार कर ही इनको छुते हैए कुछ लोग छूकर राम नाम का जाप करने लगते हैंए बड़े बुजुर्ग बच्चों को इस पत्थर का महत्व गाथा बताते हैं स
जल महल जयपुर स्थित खजाना महल देश का पहला ऐसा अनूठा museum है जहाँ आपको ब्रह्मांड के लगभग सभी पत्थर तथा ज्वेलरी देखने को मिलेगीए जिसमें राम सेतु के पत्थर के अलावा टूटा तारे जिसे उल्का पिण्ड कहा जाता है उसको भी आप साक्षात देख सकते हैं ।